
नेपाल में बुधवार की भीषण बाढ़ के बाद एक और बड़ी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। चीन ने बताया है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किमी ऊपर ल्हेंदे नदी में पानी रुकने से झील बनी है। पानी बढ़ रहा है और झील टूटने का खतरा है।
नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने भोटेकोशी के निचले इलाकों में लोगों को नदी किनारे से दूर रहने और सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी है। झील करीब 0.11 वर्ग किमी में फैली है। इसके टूटने पर भोटेकोशी में फिर तेज बाढ़ आ सकती है।
बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है। 8 जिलों से शव मिले हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चितवन में 132 और पूर्वी नवलपरासी में 82 हैं। करीब 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 288 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, 21 भारतीयों को बचाया गया है, जिनमें 11 की पहचान हो चुकी है।




नेपाल के नुवाकोट जिले में बाढ़ से मची तबाही का मंजर




बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 332 पहुंचा
बाढ़ में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 332 हो गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम 3:50 बजे तक 8 जिलों से इतने शव बरामद किए गए।
सबसे ज्यादा चितवन में 121 शव मिले हैं। इसके बाद पूर्वी नवलपरासी में 74, धादिंग और गोरखा में 29-29, नुवाकोट में 28, तनहुन में 19, रसुवा में 17 और पश्चिमी नवलपरासी में 15 शव बरामद हुए हैं।
त्रिशूली में बाढ़ के बाद राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है।
प्रभावित इलाकों, खासकर रसुवा तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गुरुवार को काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निजी हेलिकॉप्टरों की 40 से ज्यादा चार्टर्ड उड़ानें रवाना हुईं
शव मिल रहे, रखने की जगह कम
नेपाल में रसुवा की बाढ़ के बाद 289 शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती है। चितवन की स्वास्थ्य सुविधाओं में करीब 50 शव रखने की क्षमता ही बताई गई है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बड़े रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में अस्थायी शवगृह बनाए जा सकते हैं। हर शव का नंबर, फोटो और पहचान से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करना जरूरी है।
खराब हालत वाले शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट, दांतों की जांच और DNA टेस्ट किए जा सकते हैं। एक्सपर्ट्स ने कहा है कि पहचान पक्की होने से पहले शव परिवार को न सौंपे जाएं।
ग्लेशयर के टूटने से पहले और बाद की तस्वीर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पहले ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटा। इसके बाद पानी के साथ मलबा नीचे की ओर आया जिससे नेपाल में भीषण बाढ़ आ गई
हेलिकॉप्टर से त्रिशूली में राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव का काम तेज कर दिया गया है। सड़क और दूसरे रास्तों को नुकसान पहुंचने के कारण फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है।
बचाए गए लोगों को हेलिकॉप्टर से त्रिशूली बाजार पहुंचाया जा रहा है। सेना और निजी हेलिकॉप्टरों की मदद से अब तक 100 से ज्यादा लोगों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला जा चुका है।
नेपाल की बाढ़ में गुजरात के 12 लोग लापता
नेपाल में आई बाढ़ में भारत के गुजरात से भी 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। फिलहाल इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।
